भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच विशाखापट्टनम में खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच टी-ब्रेक के बाद शुरू नहीं हो पाया। मैच के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने विराट कोहली (Virat Kohli) के नेतृत्व में टॉप तीन बल्लेबाजों को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, टीम इंडिया पिछले कुछ सालों से लगातार सफलता हासिल कर रही है, लेकिन गावस्कर ने लगातार प्लेइंग इलेवन में बदलाव की आलोचना की है।

गावस्कर ने कहा कि इस तरह बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने से खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में कमी आएगी। खासतौर पर उनके जो अच्छा परफॉर्म कर रहे थे, लेकिन बाहर बैठे हुए हैं। ऑफिशियल ब्राडकास्टर से सुनील गावस्कर ने कहा, ‘अश्विन को नियमित रूप से टीम में होना चाहिए। चाहे दुनिया के किसी भी हिस्से में टीम इंडिया खेल रही हो।’

उन्होंने कहा, ‘अश्विन के भीतर दुनिया में कहीं भी विकेट लेने की क्षमता है। टीम प्रबंधन को यह बात समझनी होगी और उन्हें प्लेइंग इलेवन में उन्हें बनाए रखना होगा।’ बता दें कि रविचंद्रन अश्विन 2019 का अपना पहला टेस्ट खेल रहे हैं। बेहतरीन रिकॉर्ड होने के बावजूद वह वेस्टइंडीज में बेंच पर बैठे रहे। अहम ऑफ स्पिनर दिसंबर 2018 में अपना आखिरी टेस्ट खेला था।

वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था। उनकी जगह रविंद्र जडेजा को प्राथमिकता दी गई। पूर्व ओपनर ने भुवनेश्वर कुमार और मुरली विजय के दावों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि दक्षिण अफ्रीका में भुवनेश्वर कुमार पहले टेस्ट में काफी विकेट लिए थे। वह गेंद को स्विंग करा रहे थे लेकिन अगले टेस्ट में उन्हें बाहर कर दिया गया। मुरली विजय को भी मौका दिया जाना चाहिए।

सुनील गावस्कर ने कहा, ‘टीम का चयन इस तरह होना चाहिए, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़े ना कि कम हो।’ भारत ने पहले टेस्ट में ऋषभ पंत को ड्रॉप करके ऋद्धिमान साहा को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है। जनवरी 2018 के बाद यह उनका पहला टेस्ट है। ऋषभ पंत ने 2018 में डेब्यू के बाद से विकेटकीपर के रूप में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। वह केवल दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक से पीछे हैं। विराट कोहली के पास तर्क हो सकते हैं कि ऋद्धिमान साहा के विकेटकीपिंग कौशल को देखते हुए उन्हें चुना गया है।

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